सकट चौथ (माघ कृष्ण चतुर्थी)माघ कृष्ण चतुर्थी को सकट का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सकट हरण गणपति गणेश जी का पूजन होता है। इस व्रत को करने से सभी कष्ट दूर हो जाते है और समस्त इच्छाओं व कामनाओं की पूर्ति होती हैं। इस दिन स्त्रियाँ दिन भर निर्जल व्रत रखकर शाम को फलाहार लेती है। दूसरे दिन सुबह सकट माता को चढ़ाये गये पूरी पकवानों को प्रसाद रूप में ग्रहण करती हैं। तिल को भूनकर गुड़ के साथ कुट लिया जाता है। तिलकुट का बकरा भी बनाया जाता है। उसकी पूजा करके घर का कोई बच्चा तिलकुट के बकरे की गर्दन काट देता है।सबको इसका प्रसाद दिया जाता है। पूजा के बाद कथा सुनते है।