Acharya Raghav Sharma
09 Dec
श्लोक 2.47 – कर्मण्येवाधिकारस्ते: आधुनिक जीवन में अर्थ

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन – इस श्लोक पर चल रही चर्चा में हम कर्म योग, परिणाम से आसक्ति और स्टूडेंट लाइफ में इसके practically लागू होने पर बात कर रहे हैं।
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